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Showing posts from June, 2024

डेविड अब्राहम

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#21jun #28dec डेविड अब्राहम चेउलकर 🎂जन्म 21 जून  ⚰️28 दिसंबर 1981 21 जून 1909 थाना , बॉम्बे प्रेसीडेंसी , ब्रिटिश भारत मृत 02 जनवरी 1982 (आयु 72) टोरंटो , ओंटारियो , कनाडा राष्ट्रीयता भारतीय अभिनेता डेविड अब्राहम चेउलकर के जन्मदिन पर हार्दिक श्रद्धांजलि खेलों की दुनिया में कोई बड़ा मौका नहीं मिला, वकालत चली नहीं, बस शौक में फिल्मों में अभिनय क्या किया वही उनका कैरियर बन गया। उनका नाम था डेविड। कद तो महज पांच फुट तीन इंच था, लेकिन छोटा कद उन्हें फिल्मों में लंबी पारी खेलने से नहीं रोक पाया। 21 जून 1909 को महाराष्ट्र के ठाणे में जन्मे डेविड अब्राहम एक संपन्न यहूदी परिवार से संबंध रखते थे। उनकी परवरिश मुंबई में हुई, जहां उनके पिता रेलवे में इंजीनियर थे। उन्हें कसरत करने का खासा शौक था और घरवालों की ख्वहिश के चलते कानून की पढ़ाई पूरी की, लेकिन इस दौरान उनकी खेलों में रूचि बढ़ती गयी। वे न सिर्फ वेटलिफ्टिंग करने लगे बल्कि कई प्रतियोगिताएं भी जीतीं। कानून की पढ़ाई के बाद डेविड अदालत में बैठने लगे, मगर कई महीने तक कोई केस ही नहीं मिला। उन्होंने नौकरी ढूंढने की भी जीतोड़ कोशिश ...

ख़्वाजा परवेज

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"ख्वाजा परवेज". #28dic #20jun  ख्वाजा परवेज़ ख्वाजा गुलाम मोहिउद्दीन 🎂28 दिसंबर 1930 अमृतसर , ब्रिटिश भारत ⚰️20 जून 2011 (आयु 80 वर्ष) लाहौर , पाकिस्तान राष्ट्रीयता पाकिस्तानी व्यवसाय फ़िल्म गीतकार , फ़िल्म पटकथा लेखक, पुरस्कार 1985, 1992, 1993, 1994 और 1995 में 5 निगार पुरस्कार ख्वाजा गुलाम मुहायुद्दीन, जिन्हें ख्वाजा परवेज़ के नाम से जाना जाता है, का जन्म ब्रिटिश भारत के पंजाब के अमृतसर में एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार में हुआ था । 1947 में पाकिस्तान की आज़ादी के बाद उनका परिवार भी लाहौर चला गया। उन्होंने 1954 में दयाल सिंह कॉलेज , लाहौर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की ख्वाजा परवेज के कॉलेज मित्र जफर इकबाल, जो फिल्म निर्देशक वली साहब के बेटे थे, ने उन्हें अपने पिता से मिलवाया, जिन्होंने बाद में उन्हें सहायक के रूप में काम पर रखा। उन्होंने वली साहब के साथ तब काम किया जब वे गुड्डी गुड्डा (1956 फ़िल्म), लुकन मिटी (1959) और सोहनी कुम्हारन (1960) बना रहे थे। गीतकार के रूप में ख्वाजा परवेज़ की पहली फिल्म 1965 में पाकिस्तान में दिलजीत मिर्जा की रावज थी। उन्हें फिल्म आइना (...

मोती लाल राजवंश

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#17jun  #04dic  मोतीलाल राजवंश 04 दिसंबर 1910 शिमला , पंजाब , ब्रिटिश भारत (वर्तमान हिमाचल प्रदेश , भारत ) मृत 17 जून 1965 (आयु 54)  बम्बई , महाराष्ट्र , भारत सक्रिय वर्ष 1934–1965 साझेदार शोभना समर्थ नादिरा (सितम्बर) पुरस्कार फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार : देवदास (1955); परख (1960) मोतीलाल राजवंश हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता थे। उनको हिंदी सिनेमा के पहले सहज अभिनेता होने का श्रेय दिया जाता है। उनको फ़िल्म देवदास और परख के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला।  मोतीलाल राजवंश ने अपने स्क्रीन करियर के बारे में विशिष्ट हास्य के साथ कहा:  100 बार शादी हुई, लगभग दो बार मृत्यु हुई, कभी जन्म नहीं हुआ लेकिन हमेशा पैराशूट द्वारा नीचे लाया गया। मोतीलाल  हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता थे। मोतीलाल ने अपने जादू से नायक और चरित्र अभिनेता के रूप में दो दशक तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। उन्होंने हिंदी फ़िल्मों को मेलोड्रामाई संवाद अदायगी और अदाकारी की तंग गलियों से निकालकर खुले मैदान की ताजी हवा में खड़ा किया। शिमल...

बसंत देसाई

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प्रसिद्ध संगीतकार वसंत देसाई की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रधांजलि #09jun #22dic   🎂जन्म09 जून, सन 1912 ⚰️22 दिसंबर, 1975 वसन्त देसाई भारतीय सिनेमा जगत के प्रसिद्ध संगीतकार थे। संगीत लहरियों से फ़िल्मी दुनिया को सजाने, संवारने वाले महान् संगीतकार वसन्त देसाई के संगीतबद्ध गीतों की रोशनी फ़िल्म जगत की सतरंगी दुनिया को हमेशा रोशन करती रही है। फ़िल्म 'दो आँखें बारह हाथ' का प्रसिद्ध गीत 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम' वसन्त देसाई द्वारा ही संगीतबद्ध किया गया था। यह गीत आज भी श्रोताओं द्वारा पूरे मन से सुना जाता है। इस गीत को पंजाब सरकार ने सभी विद्यालयों में प्रात:कालीन प्रार्थना सभा में शामिल कर लिया था। वसन्त देसाई का जन्म 9 जून, सन 1912 को गोवा के कुदाल नामक स्थान पर हुआ था। उनको बचपन के दिनों से ही संगीत के प्रति रूचि थी। वर्ष 1929 में बसंत देसाई महाराष्ट्र से कोल्हापुर आ गए थे वर्ष 1930 में उन्हें 'प्रभात फ़िल्म्स' की मूक फ़िल्म "खूनी खंजर" में अभिनय करने का मौका मिला। 1932 में वसन्त को "अयोध्या का राजा" में संगीतकार गोविंद राव टेंडे के सहायक...

राज कपूर

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#14dic  #02jun  राजकपूर जन्म14 दिसंबर 1924,  पेशावर, पाकिस्तान मृत्यु 02 जून 1988,  नई दिल्ली बच्चे: ऋषि कपूर, रणधीर कपूर, राजीव कपूर, रितु नंदा, रीमा कपूर पत्नी: कृष्णा कपूर (विवा. 1946–1988) भाई: शम्मी कपूर, शशि कपूर, उर्मिला सिआल कपूर, नन्दी कपूर, देवी कपूर राज कपूर (1924-1988) हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, निर्माता एवं निर्देशक थे। नेहरूवादी समाजवाद से प्रेरित अपनी शुरूआती फ़िल्मों से लेकर प्रेम कहानियों को मादक अंदाज से परदे पर पेश करके उन्होंने हिंदी फ़िल्मों के लिए जो रास्ता तय किया, इस पर उनके बाद कई फ़िल्मकार चले। भारत में अपने समय के सबसे बड़े 'शोमैन' थे। सोवियत संघ और मध्य-पूर्व में राज कपूर की लोकप्रियता दंतकथा बन चुकी है। उनकी फ़िल्मों खासकर श्री 420 में बंबई की जो मूल तस्वीर पेश की गई है, वह फ़िल्म निर्माताओं को अभी भी आकर्षित करती है। राज कपूर की फ़िल्मों की कहानियां आमतौर पर उनके जीवन से जुड़ी होती थीं और अपनी ज्यादातर फ़िल्मों के मुख्य नायक वे खुद होते थे। कपूर परिवार के पृथ्वीराज कपूर के सबसे बड़े बेटे के रूप में पेशावर में जन्मे रा...