गालिब (जन्म)
मिर्जा ग़ालिब 🎂27 दिसंबर 1797⚰️ 15 फ़रवरी 1869 उर्दू और फारसी भाषा के मशहूर शायर मिर्जा गालिब का निधन वर्ष अट्ठारह सौ उनहत्तर में हुआ था मिर्जा गालिब ने ग्यारह साल की उम्र से ही शायरी लिखना शुरू कर दिया था आप सब में से बहुत सारे लोगों ने मिर्जा गालिब का नाम तो जरूर सुना ही होगा और उनकी शायरी भी आपने शायद एक दूसरे को जरूर भेजी होगी व्हाट्सऐप पर आपके पास उनकी शायरी कभी कभार आ जाती होगी और मिर्जा गालिब का नाम आपको पता होगा लेकिन फिर भी हम यह कह सकते हैं कि मिर्जा गालिब से आपका परिचय नहीं हुआ होगा इसलिए आज हम आपका परिचय मिर्जा गालिब से कराएंगे और हम आपको बताएंगे कि मिर्जा गालिब होने का मतलब क्या है और मिर्जा गालिब जो थे वह मुगल शासक बहादुर शाह जफर के दरबारी कवि हुआ करते थे उर्दू ग़ज़लों को खास अंदाज में पेश करने के लिए उन्हें याद किया जाता है और गालिब का निधन पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान में हुआ था और वहां पर जिस हवेली में गालिब साहब रहा करते थे उसे अब एक म्यूजियम बना दिया गया है वह हवेली आज भी है हालांकि आज की पीढ़ी ने मिर्जा गालिब के बारे में थोड़ा बहुत पढ़ा होगा सुना भी होगा...