प्रेम अदीब

#10aug 
#25dic 
 प्रेम अदीब
पूरा नाम
अन्यनाम
शिवप्रसाद, प्रेम नारायण
प्रेम अदीब
🎂जन्म 10 अगस्त, 1916
जन्म स्थान सुल्तानपुर
⚰️मृत्यु25 दिसंबर 1959
मृत्यु स्थान
सुल्तानपुर
पिता का नाम रामप्रसाद दर
माता का नाम –
राष्ट्रीयता भारतीय

:राम के रूप में अरुण गोविल से पहले प्रेम अदीब को पूजते थे लोग।
(पंडित नेहरू के रिश्तेदार थे प्रेम अदीब, भगवान राम के रूप में घर-घर होती थी पूजा, फिल्मों में बनाया था रिकॉर्ड। उन्होंने करीब 8 फिल्मों में राम का किरदार निभाया था और हर फिल्म के साथ राम के रूप में उनकी पॉपुलैरिटी और बढ़ती ही चली गई। प्रेम अदीब के साथ फिल्मों में शोभना समर्थ मां सीता का किरदार निभाती थीं, जो रिश्ते में काजोल की नानी थीं।)

उनके पिता का नाम रामप्रसाद दर था। कश्मीरी मूल के प्रेम अदीब के दादा-परदादा अवध के नवाब वाजिद अली शाह के ज़माने में कश्मीर छोड़कर अवध के शहर फ़ैज़ाबाद (अब अयोध्या उत्तरप्रदेश) में आ बसे थे। उनके दादा का नाम देवीप्रसाद दर था। प्रेम अदीब के पिता रामप्रसाद दर फ़ैज़ाबाद से सुल्तानपुर चले आए थे।
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प्रेम अदीब का झुकाव बचपन से ही फ़िल्मों की तरफ था। प्रेम अदीब 1943 में ‘प्रकाश पिक्चर्स’ के बैनर में बनी इस धार्मिक फ़िल्म के निर्माता-निर्देशक विजय भट्ट, गीतकार रमेश गुप्ता और संगीतकार  शंकर राव व्यास। जिनका नाम उस दौर के फ़िल्म प्रेमियों के ज़हन में आज भी ताज़ा है। 1930 के दशक के मध्य में सामाजिक फ़िल्मों से अपना करियर शुरू करने वाले अभिनेता प्रेम अदीब 1940 के दशक में धार्मिक फ़िल्मों का एक मशहूर नाम बन चुके थें।

फ़िल्मी सफ़र
प्रेम अदीब ने 1941 में प्रदर्शित हुई फ़िल्म ‘दर्शन’ के साथ ही एंट्री ‘प्रकाश पिक्चर्स’ में हुई। ‘घूंघटवाली’ (1938), ‘सागर मूवीटोन’ की ‘भोलेभाले’ और ‘साधना’ (1939), ‘हिंदुस्तान सिनेटोन’ की ‘सौभाग्य’ (1940) जैसी फ़िल्मों के साथ प्रेम अदीब के करियर का ग्राफ लगातार ऊपर उठता चला गया। भारत की “पारंपरिक मूल्यों” में शामिल इन फ़िल्मों में प्रेम अदिब और शोभना समर्थ “आदर्श राम और सीता” का चित्रण करते थे। अदीब और समर्थ ने अपनी जोड़ी को राम और सीता के रूप में जारी रखा, और एक रामायण आधारित फ़िल्म रामबाण (1948) में एक साथ अभिनय किया।

प्रेम अदीब ने फ़िल्मी जीवन में मशहूर अभिनेत्रिओं के साथ अभिनय किया वे थीं सुरैया, सुलोचना, शोभना समर्थ, सुमित्रा देवी, रतन माला और बेगम पारा।

विवाद 
अदीब उस समय विवादों में घिरे जब एक नाबालिग अभिनेत्री ने अपने पिता के माध्यम से काम करते हुए काम से संबंधित अनुबंध के उल्लंघन के लिए उन पर मामला दर्ज कराया। यह मामला कानूनी साहित्य में राज रानी बनाम प्रेम अदीब के नाम से जाना गया । प्रतिवादी प्रेम अदीब ने जीत हासिल की, क्योंकि लड़की की नाबालिग होने के कारण मामला शून्य था, और इसलिए भी कि वह अपने पिता से अपनी ओर से हस्ताक्षर करने का अनुबंध नहीं कर सकती थी।

🎥प्रमुख फ़िल्में

भाग्यलक्ष्मी 1944
चांद 1944
पुलिस 1944
आम्रपाली 1945
विक्रमादित्य 1945
महारानी मीनलदेवी 1946
सुभद्रा 1946
उर्वशी 1946
चन्द्रहास 1947
गीत गोविंद 1947
क़सम 1947
मुलाक़ात 1947
सती तोरल 1947
वीरांगना 1947
एक्ट्रेस 1948
अनोखी अदा 1948
 रामबाण 1948
 भोली 1949
हमारी मंज़िल 1949
राम विवाह 1949
भाई बहन 1950
प्रीत के गीत 1950
भोला शंकर 1951
लव कुश 1951
इंद्रासन 1952
मोरध्वज 1952
राजा हरिश्चन्द्र 1952
रामी धोबन 1953
हनुमान जन्म 1954
महापूजा 1954
रामायण 1954
शहीदे आज़म भगतसिंह 1954
भागवत महिमा 1955
प्रभु की माया 1955
श्री गणेश विवाह 1955
दिल्ली दरबार 1956
राजरानी मीरा 1956
रामनवमी 1956
आधी रोटी 1957
चंडीपूजा 1957
कृष्ण सुदामा 1957
नीलमणि 1957
राम हनुमान युद्ध 1957
मृत्यु
Prem Adib की मृत्यु को ब्रेन -हैम्रेज के कारण 25 दिसंबर 1959 को हुई ।

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